यूरिन इन्फेक्शन से तुरंत राहत पाने के लिए क्या करें?HealthPlanet

Posted on Tue 29th Nov 2022 : 16:39

मूत्र मार्ग (पेशाब) के संक्रमण के लक्षण, कारण, घरेलू उपचार और परहेज

क्या आपको पेशाब करते समय जलन और दर्द होता है? पेशाब में खून भी आता है? पेशाब में मवाद आता है? बार-बार पेशाब करने का मन करता है, और जब करते हैं तो पूरा पेशाब नहीं निकलता? यह पेशाब में संक्रमण के लक्षण हैं। छोटे बच्चों में बुखार के साथ उल्टी एवं भूख ना लगना भी मूत्र मार्ग में संक्रमण के लक्षण होते हैं। यूरिन में इंफेक्शन के दौरान कई लोगों को मतली भी आती है। अगर आप ऐसी परेशानी से ग्रस्त हैं तो इसका उपाय घर (Home Remedies for Urine Infection) पर ही कर सकते हैं।

मूत्र का संक्रमण (urine infection symptoms) पुरुषों (urine infection men)की तुलना में महिलाओं में अधिक देखा जाता है। प्रत्येक महिला को जीवन में कभी ना कभी यूरिन इंफेक्शन की समस्या होती है। कई महिलाओं को यह बीमारी अनेक बार भी हो सकती है। इसलिए आइए जानते हैं कि आप पेशाब में संक्रमण के लिए कौन-कौन से घरेलू उपाय (home remedies in hindi)कर सकते हैं।
मूत्र पथ में संक्रमण (यूरिन इंफेक्शन) होना क्या है (What is Urine Infection in Hindi?)

मूत्र का संक्रमण बैक्टेरियाजनित संक्रमण होता है। यह संक्रमण मूत्र-पथ (पेशाब करने के रास्ते) के एक हिस्से को संक्रमित करता है। जब यह निचले हिस्से को प्रभावित करता है, तब इसे सामान्य मूत्र संक्रमण या मूत्राशय में होने वाली सूजन कहा जाता है। जब यह ऊपरी मूत्र-पथ को प्रभावित करता है, तो इसे गुर्दे का संक्रमण कहा जाता है।

गर्भवती महिलाओं में भी मूत्र संक्रमण होने का खतरा बना रहता है। इसके लिए प्रसव से पहले ही उनके मूत्र की जाँच कराई जाती है। बैक्टीरिया मूत्र-पथ को दो प्रकार से संक्रमित करते हैं। रक्त से गुर्दों में जाकर मूत्र-पथ को संक्रमित करते हैं, या फिर मूत्र-मार्ग के द्वारा घुसकर मूत्र-पथ को संक्रमित करते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, गंदे शौचालयों और शौचालयों की कमी के कारण भारत में लगभग 50 फीसदी महिलाएँ यू.टी.आई. (uti kya hai)से पीड़ित(urine problem in hindi) होती हैं।
मूत्र मार्ग में संक्रमण के लक्षण

आप मूत्र पथ में संक्रमण की पहचान इन लक्षणों (urine infection symptoms) से कर सकते हैंः-

बुखार लगभग 101 डिग्री से कम रहना और ठण्ड लगना।
अस्वस्थ महसूस करना।
छोटे बच्चों में बुखार के साथ उल्टी आना।
भूख ना लगना।
कमर दर्द।
मितली आना।
मूत्र त्याग करते समय जलन (peshab mein jalan) एवं दर्द।
बार-बार मूत्र त्यागना।
मूत्र में रक्त का आना।
मूत्र में मवाद आना।
एक बार में मूत्र का पूरी तरह से ना आना।
बार-बार तेज पेशाब आने जैसा महसूस होना, लेकिन परेशानी के साथ थोड़ी-सा पेशाब आना।
नाभि से नीचे पेट में दर्द एवं भारीपन होना।
गंदला एवं गहरे रंग का बदबूदार पेशाब आना।
बुजुर्गो में हाइपोथर्मिया (Hypothermia), भूख ना लगना और सुस्ती।

मूत्र पथ में संक्रमण होने के कारण

मूत्र में संक्रमण की समस्या के ये कारण हो सकते हैंः-

महिलाओं में होने वाले संक्रमण का सबसे बड़ा कारण वैस्टर्न स्टाइल के टॉयलेट हैं। इसके साथ ही अस्वच्छ शौचालयों का इस्तेमाल करने से भी यह रोग होता है।
बहुत देर तक पेशाब रोककर रखने की आदत के कारण।
यह संक्रमण अधिकतर इ.कोली (E.Coli)बैक्टेरिया के कारण होता है। यह बैक्टेरिया सामान्य रूप से पाचनतंत्र में मौजूद होता है। क्लेमेडिया (Chlamydia)और माइकोप्लाज़म (Mycoplasma) बैक्टेरिया से भी मूत्रमार्ग का संक्रमण होता है।
पथरी के कारण मूत्र का प्रवाह रुकने पर मूत्र मार्ग में संक्रमण होता है।
गर्भावस्था के दौरान।
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली
कई लोगों के साथ एवं असुरक्षित यौन संबंध बनाने के कारण।
स्वच्छता की कमी।
गर्भनिरोधक का उपयोग।
डायबिटीज (शुगर)
एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक प्रयोग।

मूत्र मार्ग के संक्रमण के इलाज के लिए घरेलू उपाय

आप पेशाब में संक्रमण का घरेलू इलाज (urine infection treatment) या यूरिन इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक इलाज इन उपाय से कर सकते हैंः-
इलायची के इस्तेमाल से मूत्र पथ के संक्रमण का इलाज

5-7 इलायची के दानों को पीस लें। इसमें आधा चम्मच सोंठ पाउडर मिलाएँ। इसमें अनार का रस और सेंधा नमक मिलाएँ। इसे गुनगुने पानी में मिलाकर पिएँ। यूरिन इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक इलाज इलायची के मदद से कर सकते हैं।
नारियल के औषधीय गुण से मूत्र मार्ग संक्रमण का इलाज

नारियल पानी पिएँ। इससे मूत्रत्याग के समय होने वाली पेशाब में जलन (urine infection symptoms) से राहत मिलती है। यह पेट को भी ठंडा करने का काम करता है।
फलों के सेवन से मूत्र मार्ग के संक्रमण का इलाज

साइट्रस फलों का अधिक सेवन करें। आप संतरे, मौसमी आदि का सेवन कर सकते हैं। इनसे शरीर में मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।
चावल के औषधीय गुण से मूत्र पथ के संक्रमण का उपचार

आधा गिलास चावल के पानी में चीनी मिलाकर पिएँ। इससे मूत्र त्यागने के समय होने वाली पेशाब में जलन (urine infection symptoms) से राहत मिलती है।
बादाम के औषधीय गुण से पेशाब के संक्रमण का इलाज

बादाम की 5-7 गिरी, छोटी इलायची और मिश्री को पीस लें। इसे पानी में डालकर पिएँ। इससे दर्द एवं पेशाब में जलन (peshab mein jalan) में राहत मिलती है।
आंवले के औषधीय गुण से पेशाब के संक्रमण का इलाज

एक चम्मच आँवले के चूर्ण में दो से तीन इलायची के दाने पीसकर मिलाएँ। इसे पानी के साथ सेवन करें। यह लाभ पहुंचाता है। आंवला यूरिन इन्फेक्शन के इलाज में मदद करता है।
पेशाब के संक्रमण के इलाज में गेहूं फायदेमंद

रात में एक मुट्ठी गेहूँ को पानी में मिलाएँ, और सुबह पानी को छानकर मिश्री मिलाकर खाएँ। यह लाभ पहुंचाता है। पेशाब संक्रमण या यूरिन इन्फेक्शन के इलाज (urine infection treatment) में मदद मिलती है।
पेशाब के रास्ते के संक्रमण होने पर चंदन से लाभ

आधा चम्मच चन्दन पाउडर को एक चम्मच पानी में मिलाकर पी लें। बेहतर उपाय करने के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लें।
पेशाब के रास्ते में संक्रमण होने पर अदरक से लाभ

अदरक और काले तिल को मिलाकर बारीक पीस लें। इसमें एक चौथाई हल्दी पाउडर और थोड़ा पानी मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इसे दिन में 2-3 बार चाट लें।
क्रेनबरी जूस से मूत्र पथ के संक्रमण का इलाज

क्रेनबैरी जूस का सेवन करें। इससे दर्द और जलन (urine infection symptoms) में राहत मिलती है। यह उपाय भी लाभ देता है।
पेशाब में संक्रमण का घरेलू उपचार सेब के सिरके से

दो चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच शहद को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पिएँ। यह पेशाब के रास्ते में संक्रमण होने पर लाभ पहुंचाता है।
अनानास से मूत्र मार्ग के संक्रमण का इलाज

अनानास फल या जूस का सेवन करें। यह बैक्टेरिया खत्म करने में मदद करता है। इससे मूत्र पथ के संक्रमण से राहत मिलती है।
दही के औषधीय गुण से पेशाब के रास्ते के संक्रमण का इलाज

मूत्र संक्रमण में छाछ एवं दही का सेवन बहुत लाभदायक है। ये शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टेरिया को बाहर निकालते हैं।
पेशाब में संक्रमण के इलाज के लिए अन्य घरेलू उपचार

आधा चम्मच बेकिंग सोड़ा को एक ग्लास पानी में मिलाकर पिएं। इस प्रयोग को दिन में दो बार करें।
खट्टे फल तथा खट्टे फलों का जूस ज्यादा से ज्यादा लें।

पेशाब में संक्रमण के दौरान आपका खान-पान

पेशाब के रास्ते में संक्रमण के दौरान आपका खान-पान ऐसा होना चाहिएः-

अधिक पानी पिएँ।
खेट्टे फल जैसे संतरा, मौसमी आदि का सेवन करें।
तरबूज, सेब, अनार, फालसा आदि रसीले व ठण्डी तासीर वाले फलों का सेवन करें।
दूध से बनी लस्सी में थोड़ा-सा इलायची पाउडर डालकर सेवन करें।
साइट्रस (Citrus) फलों का अधिक सेवन करें।
एक दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए, इससे बैक्टेरिया को शरीर से बाहर निकलने में मदद मिलती है।

पेशाब में संक्रमण के दौरान आपकी जीवनशैली

पेशाब के रास्ते में संक्रमण के दौरान आपकी जीवनशैली ऐसी होना चाहिएः-

जननांगों को साफ रखें।
शौच एवं मूत्र त्यागने के बाद हमेशा जननांगों को धोना चाहिए।
महिलाएँ माहवारी के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
बहुत अधिक देर तक मूत्र को नहीं रोकें। इससे मूत्राशय में बैक्टेरिया को बढ़ने में सहायता मिलती है। मूत्र का वेग आते ही मूत्र का त्याग करें।

पेशाब में संक्रमण के दौरान परहेज

पेशाब में संक्रमण होने पर इन चीजों से परहेज करेंः-

संक्रमण के समय चीनी से बनी चीजें एवं मीठी चीजों का सेवन बिल्कुल ना करें। मीठे से बने पदार्थ मूत्र के रास्ते के बैक्टेरिया की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं।
क्रेनबैरी जूस का सेवन करें, लेकिन इसमें चीनी ना मिलाएँ।
मूत्र संक्रमण के दौरान केक, कुकीज, कार्बोनेटेड, ड्रिंक और चीनी से बने पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
कॉफी का सेवन ना करें। इससे जलन की समस्या अधिक हो सकती है।
शराब और कैफीन के सेवन से जितना हो सके, दूर रहें।

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